Ladakh Food in Hindi | लद्दाख के 10 मशहूर व्यंजन हिंदी में

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लद्दाख के 10 मशहूर व्यंजन हिंदी में -लद्दाख अपनी प्राकृतिक सुंदरता, मठों और ऊंचाई के लिए प्रसिद्ध है। साथ ही साथ लद्दाख के व्यंजन भी बहुत स्वादिष्ट है। यंहा के स्थानीय व्यंजन मसालेदार नहीं होते हैं। स्थानीय व्यंजनों में मेवों का प्रयोग इन्हें बहुत ही सेहतमंद और आकर्षक बनाता है।

लद्दाख के पारंपरिक भोजन का यहां के जलवायु और संस्कृति से गहरा संबंध है। ठंडी जलवायु होने के कारण पहाड़ी क्षेत्र में फसलों को उगाना मुश्किल हो जाता है। इसलिए यहाँ मांसाहारी व्यंजन ज्यादातर सेवन किया जाता है। मांसाहारी व्यंजन याक के मांस, चिकन, मटन, मछली आदि से तैयार किए जाते हैं। लद्दाख में सेब, अखरोट और खुबानी फलो का उत्पादन बहुत किया जाता है। खुबानी का जैम राज्य में बहुत लोकप्रिय है।

शाकाहारी भोजन में मुख्य रूप से जौ, और आलू का काफी प्रयोग होता हैं । डेयरी उत्पाद भी इनके आहार में बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे बिना फ्रिज के दूध को लंबे समय तक स्टोर कर सकते हैं। लद्दाख का भोजन तिब्बती व्यंजनों से काफी प्रभावित है।

लद्दाख के प्रसिद्ध भोजन की सूची

1. एप्रीकॉट जैम – लद्दाख का प्रसिद्ध जैम

खुबानी लद्दाख में व्यापक रूप से उगाया जाने वाला फल है। लद्दाखी लोग इसे चुल्ली कहते हैं । खुबानी अत्यधिक पोषक, स्वादिष्ट फल है। इसके साथ ये व्यावसायिक रूप से भी महत्वपूर्ण फल है. खुबानी जैम लद्दाख में एक लोकप्रिय भोजन है।

इसे खंभीर के साथ बड़े चाव के साथ खाया जाता है। खंभीर,एक प्रकार की स्थानीय रोटी है । स्थानीय लोग इस फल का जूस, , अचार और सूखा कर भी सेवन करते हैं।

2. पोचा या गुड़ गुड़ चाय- लद्दाख की मशहूर चाय

यह लद्दाख का एक खास पेय। यह चाय जिसे पोचा, गुड़ गुड़ चाय , तिब्बती चाय, बटर टी आदि के नाम से भी जाना जाता है। पोचा लद्दाख का पारंपरिक भोजन है। इस चुनौतीपूर्ण ठन्डे जलवायु की स्थिति में ये काफी काफी आवश्यक हो जाता है ।

गुड़ गुड़ चाय का सभी त्योहारों और उत्सवों में सेवन किया जाता है। यह चाय मीठा नहीं बल्कि स्वाद में नमकीन होता है। इसे मक्खन, दूध, नमक, गुड़ और उबली हुई चाय की पत्तियों से तैयार।

छुरपे लद्दाख का एक और प्रसिद्ध भोजन है। छुरपी के रूप में भी लिखा गया है। यह वास्तव में एक पनीर है जिसे याक के दूध या गाय के दूध से तैयार किया जाता है। यह आमतौर पर दो किस्मों में उपलब्ध होता है, कठोर और मुलायम।

3. छुरपे/छुरपी/याक का चीज़

छुरपे लद्दाख का एक और प्रसिद्ध भोजन है। जिसे याक के दूध से तैयार किया जाता है यह आमतौर पर दो किस्मों में उपलब्ध होता है, कठोर और मुलायम। इसका सेवन कई तरह से किया जाता है। सॉफ्ट चीज़ का इस्तेमाल नूडल्स, मोमोज, चटनी और सूप में किया जाता है। इसका उपयोग क्षुधावर्धक के रूप में किया जाता है।

जबकि सख्त पनीर कुत्ते के चबाने के भोजन के रूप में किया जाता है। इसे हिमालयन डॉग च्यू, डेजर्ट डॉग च्यू, यति डॉग च्यू, छुरपी बार, छुरपी पफ के नाम से भी जाना जाता है।

छुरपे में उच्च मात्रा में प्रोटीन होता है और यह मनुष्यों और कुत्तों के लिए शानदार भोजन है। नेपाल और तिब्बत में बर्फीले क्षेत्रों में भोजन काफी लोकप्रिय है। एक बार छुरपे तैयार हो जाने के बाद, इसे बिना प्रिजर्वेशन के 3-4 साल तक स्टोर किया जा सकता है।

प्रसिद्ध याक पनीर एक विशेष प्रकार के लकड़ी के ड्रम में तैयार किया जाता है जिसे “शोपतु” कहा जाता है।

4. छुतगी

छुतगी – लद्दाखी फूड रेसिपीज में से एक डंपलिंग सूप डिश है। छुतगी का मतलब पानी की रोटी है। स्थानीय भाषा में “छ” का अर्थ पानी और “तगी” का अर्थ रोटी होता है। लद्दाख के पारंपरिक भोजन में से एक। बो और टाई के आकार का पकौड़ा तैयार किया जाता है और इसे गाजर, मटर, पत्तेदार सब्जियों आदि के गाढ़े सूप के साथ पकाया जाता है। यह स्वादिष्ट व्यंजन नॉन वेज में भी उपलब्ध है।

5. खाम्बीर- लद्दाख का पारंपरिक भोजन

खम्बीर एक तरह का स्थानीय ब्रेड है। इस ब्रेड का आकार आम ब्रेड से थोड़ा अलग होता है। खम्बीर आकार में गोल होता है। इस लद्दाखी ब्रेड का उपयोग नाश्ते में बटर टी के साथ किया जाता है। यह करारा स्वाद वाली गाढ़ी क्रस्ट ब्रेड है। खम्बीर को खुबानी के जैम के साथ भी खाया जाता है

6. मोमोज

मोमोज जिसे डम्पलिंग के नाम से भी जाना जाता है। यह देश के सबसे लोकप्रिय व्यंजनों में से एक है। और लद्दाख का एक प्रमुख भोजन है। यह डिश वेज और नॉन-वेज वेरायटी में उपलब्ध है। मोमोज को गेहूं के आटे से बनाया जाता है और इसमें वेज या नॉन-वेज स्टफिंग भरी जाती है। यह खाना एक खास तरह के जार में तैयार किया जाता है। जार को मोक्टो के नाम से जाना जाता है। यह बाजार में विभिन्न आकारों में भी उपलब्ध है।

इसे या तो भाप में बेक किए जाते है या तले जाता है. मोमोज को गरमा गरम रपरोसी तीखी चटनी के साथ खाई जाती है.

यह लद्दाख के प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड में से एक है।

7. स्काईयू/स्कू/स्काइउ

यह एक सूप आधारित स्थानीय व्यंजन है। स्काईयू का सेवन ज्यादातर सर्दियों में किया जाता है। यह अंगूठे के आकार की आटे की लोई और सब्जियों के साथ मिलकर तैयार किया जाता है। यह छुतगी के समान दिखता है। इस डिश कैलोरी बहुत ज्यादा होती है जो शरीर को गर्म करती है। यह डिश पर्यटकों के बीच भी प्रसिद्ध है। लद्दाख का ये मशहूर खाना ज्यादातर खाया जाता है मीट के साथ खाया जाता है।

8. थुकपा

थुकपा लद्दाख का मुख्य भोजन है। यह नूडल्स पर आधारित एक सूप डिश है। वेज और नॉन वेज वर्जन में उपलब्ध है। नूडल्स गेहूं या जौ से बने होते हैं। यह एक तिब्बती व्यंजन है। सूप (शोरबा) मसालों से भरा होता है जो शरीर को गर्माहट देता है। यह व्यंजन नेपाल, भूटान, तिब्बत में काफी लोकप्रिय है। “ठुक” का अर्थ हृदय होता है।

9. तिगमो

तिगमो को टिंग-मोमो के नाम से भी जाना जाता है। यह स्टीम्ड बन के आकार की ब्रेड है। तिगमो -तिब्बती व्यंजनों में से एक है। यह गेहूं के आटे से बनी मुलायम और फूली हुई रोटी है ।

टिंगमो ब्रेड के साथ मांसा हारी व्यंजनों के साथ भी परोसा जाता हैं। इस ब्रेड का इस्तेमाल लंच और डिनर में किया जाता है। इस स्थानीय व्यंजन को तैयार करने के लिए एक खास तरह के बर्तन “मोक्टो” का इस्तेमाल किया जाता है। यह लद्दाखी डिश चाइनीज फ्लावर रोल्स की तरह होती है।

10. मोक्तुक – सूप मोमो

यह लद्दाख का एक और मशहूर खाना हैं । यह सूप आपके जरूर मुंह में पानी लाने वाला है। क्यूंकि मोक्तुक डिश है -सूप वो भी मोमो के साथ.

यह स्वादिष्ट डिश वेज और नॉन वेज दोनों ऑप्शन में उपलब्ध है। मोमो लवर्स को यह डिश काफी पसंद आने वाली है। हिमालय की घाटी के इस अनोखे व्यंजन का आनंद लेना न भूलें।

11. कोथे मोमोज- लद्दाख के खास मोमोज

इस घाटी में आपको तरह-तरह के मोमोज मिल जाएंगे। कोथे मोमोज उनमें से एक हैं। कोथे मोमोज लद्दाख के व्यंजनों का एक स्वादिष्ट पकौड़ा है। अन्य मोमोज की तरह नहीं जो आमतौर पर भाप से पके या तले हुए होते हैं। यह मोमो आधा तला हुआ और आधा भाप में पका हुआ है।

लम्बी आकार की डिश इस क्षेत्र में काफी लोकप्रिय है। मोमो की फिलिंग या तो सब्जी या मांस हो सकती है। इसे तरह-तरह की चटनी या सॉस के साथ परोसा जाता है। कोथे मोमोज लद्दाख का एक अवश्य आजमाया जाने वाला पारंपरिक भोजन है।

12. पाबा

पाबा जौ के आटे को भूनकर बनाई जाने वाली डिश है. इसे Tangthur और Zathuk के साथ खाया जाता है। तंगतुर को छाछ या दही में कुछ सब्जियों के साथ मिलाकर बनाया जाता है. जबकि ज़थुक लद्दाख की एक स्थानीय जड़ी-बूटी से बनाया जाता है। पाबा के साथ यह सूप, सर्दियों के दौरान बहुत लोकप्रिय है।

13. साम्पा-

इसे भुने हुए जौ से बनाया जाता है। जौ को पीसकर आटा तैयार किया जाता है. यह जौ का आटा तिब्बत और सिक्किम में भी बहुत लोकप्रिय भोजन है। स्थानीय लोग इस खाने को बहुत पसंद करते हैं। एक बॉल शेप तैयार किया जाता है बटर ,चीनी और चीज़ को मिलाने के बाद । यह भोजन स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है क्योंकि जौ में अत्यधिक पौष्टिक मूल्य होता है।

इस भुने हुए आटे को हवाबंद जार में स्टोर करके भी रखा जाता है. यह फाइबर युक्त भोजन पाचन तंत्र के लिए अच्छा होता है।

14. लेह बेरी जूस -(सी बकथॉर्न जूस)

सी बकथॉर्न को सैंड थॉर्न, सीबेरी और सॉलो थॉर्न के नाम से भी जाना जाता है। लेह-लद्दाख क्षेत्र पाए जाने वाले यह फल “लेह बेरी” के नाम से भी काफी प्रसिद्ध है। यह एक प्रकार की झाड़ी होती है जिसमे छोटे आकार के नारंगी रंग के फल या बेरी बनती है।

इन बेरीज से बहुत ही स्वादिष्ट जूस बनता है जो सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है. इन फलों का इस्तेमाल कॉस्मेटिक्स में भी किया जाता है। यह जूस लेह बेरी जूस के नाम से बहुत लोकप्रिय है। यह सुपरमार्केट में भी आसानी से उपलब्ध है।

15. होल्कुर-

होल्कुर स्थानीय व्यंजनों की एक विशेष कुकीज़ है। आप कह सकते है यह घर का बना मल्टीग्रेन बिस्किट है। स्थानीय लोग नाश्ते या शाम के समय चाय और कॉफी के साथ इस नाश्ते का आनंद लेते हैं। यह लद्दाख का स्थानीय भोजन में से एक है। इन कुकीज में मेवों का भी इस्तेमाल किया जाता है।

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