भारत के प्रमुख आमों के किस्मों | Indian Mango in Hindi

आम, जिसे “फलों का राजा” भी कहा जाता है, भारत की संस्कृति और कृषि का एक अभिन्न अंग है। आपको भारतीय आमों की 1,500 किस्में मिलेंगी । इसकी मीठी खुशबू और रसीले गूदे ने सदियों से भारतीयों के दिलों को जीता है।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश होने के नाते, अनगिनत किस्मों का गौरवशाली इतिहास समेटे हुए है। इनमें से प्रत्येक किस्म की अपनी विशेषता होती है, जैसे स्वाद, आकार, रंग, और फलों की परिपक्वता का समय।

यहां, भारत में पाए जाने वाले कुछ प्रमुख आम की किस्मों इस प्रकार हैं –

भारत को “आमों का देश” कहा जाता है, और यह कोई आश्चर्यजनक बात नहीं है! इसकी विविध जलवायु, उपजाऊ मिट्टी और सदियों पुरानी खेती की परंपराओं ने कई अद्भुत आम की किस्मों को जन्म दिया है।

लंगड़ा (Langda): उत्तर प्रदेश की यह प्रसिद्ध किस्म अपने मीठे स्वाद और रेशमी गूदे के लिए जानी जाती है। इसकी पतली त्वचा और पीले रंग का गूदा आम प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर देता है।

चौसा (Chausa): उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की विशेषता, चौसा आम को “आमों का राजा” भी कहा जाता है। इसका बड़ा आकार, सुनहरा पीला रंग और मीठा-खट्टा स्वाद इसे किसी खास अवसर के लिए उपयुक्त बनाता है।

दशहरी (Dasheri): मालीहाबाद, उत्तर प्रदेश की यह देशी किस्म अपने मीठे और रसीले गूदे के लिए प्रसिद्ध है। यह आम पके होने पर सुनहरा पीला हो जाता है और इसका गूदा नरम और रेशमी होता है।

Alphonso (अल्फोंसो): महाराष्ट्र का रत्न, अल्फोंसो आम अपनी विशिष्ट सुगंध और स्वाद के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इसकी मोटी त्वचा के नीचे रेशमी, मीठा और रसीला गूदा छिपा होता है।

केसर (Kesar): गुजरात की यह प्रसिद्ध किस्म अपने गहरे पीले रंग के गूदे के लिए जानी जाती है। इसका मीठा और सुगंधित स्वाद इसे खास बनाता है।

मल्गोआ (Malgoa): गोवा की यह अनोखी किस्म अपने खट्टे-मीठे स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। इसका गूदा रेशमी और रसीला होता है।

नीलम (Neelam): दक्षिण भारत की यह प्रसिद्ध किस्म अपने छोटे आकार और हरे रंग के लिए जानी जाती है। इसका गूदा मीठा-खट्टा होता है और सूखने के लिए भी उपयुक्त है।

तोतापरी (Totapuri): यह आम की एक बहुउपयोगी किस्म है, जिसे कच्चे और पके दोनों रूपों में खाया जा सकता है। इसका उपयोग अचार बनाने और चटनी में भी किया जाता है।

लंगड़ा आम (Langda Aam): पश्चिम बंगाल की यह देशी किस्म अपने अंडाकार आकार और मीठे स्वाद के लिए जानी जाती है ।

बदामी (Badami): कर्नाटक की यह प्रसिद्ध किस्म अपने बादाम के आकार और मीठे स्वाद के लिए जानी जाती है।

हिमसागर (Himsagar) : हिमसागर आम, पश्चिम बंगाल की धरती से निकलने वाला एक रत्न है, जिसे “आमों का राजा” भी कहा जाता है। यह अपनी मिठास, सुगंध और रसीलेपन के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है।

मल्लिका आम (Mallika Aam) : भारत में डॉ. रामनाथ सिंह द्वारा नीलम और दशहरी किस्मों के संकरण से विकसित की गई है। मल्लिका आम भारत में एक अपेक्षाकृत नई और लोकप्रिय होती जा रही किस्म है, जो अपने असाधारण गुणों के लिए जानी जाती है।

फजली आम (Fazli Aam ) फजली आम, भारत और बांग्लादेश में उगाई जाने वाली एक प्रसिद्ध आम की किस्म है। यह अपने देर से पकने, बड़े आकार और रसीले गूदे के लिए जानी जाती है। फजली आम मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में उगाई जाती है, हालांकि बांग्लादेश में भी इसकी खेती होती है।

बंगनपल्ली (Banganapalle/ Banganapalli /Safeda Mango): बंगनपल्ली आम, जिसे कभी-कभी सफेदा आम के नाम से भी जाना जाता है, भारत की एक लोकप्रिय आम की किस्म है, जो विशेष रूप से आंध्र प्रदेश के बंगनपल्ली गांव और आसपास के क्षेत्रों में उगाई जाती है।

आम केवल एक फल नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग भी है। यह अक्सर पूजा-पाठ, त्योहारों और समारोहों में शामिल होता है। आम के पत्तों को शुभ माना जाता है और इन्हें सजावट में भी इस्तेमाल किया जाता है ।

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